#Gazal By Sanjay Ashk Balaghati

अमन,शांति,भाईचारे को फिर धत्ता बताना है
एक बार फिर जुता मारने वालो को लाना है।

अच्छे दिनो की ताक मे कई महिने बीत गये
एक धोका खाये है फिर एक धोका खाना है।

नोटबंदी जैसा ही फिर देखने मिले कोई नाटक
देश मे बेरोजगारी मारामारी और भी बढाना है।

हिन्दु मुस्लिम से और स्वर्ण दलित से फिर लडे
गांव शहर से देश भर मे दंगे फसाद भडकाना है।

देश मे भले ही हो बद् से बदतर हालात तो क्या
करोडों के विज्ञापन,अरबो की मुर्तियां बनाना है।

फिर घुम फिरकर आये वो बचे हुये देशों से
उनको घुमना और देश की जनता को घुमाना है।

वीरों की शहादत और उनकी चुनावी रैलियां
ऐसे देशभक्तों को हमने फिर जीताकर लाना है।

बडी बडी बाते फिर सुनने मिलेगी लाल किले से
सच मे नही तो सपने मे पाक को निपटाना है।

चुनाव आये फिर अयोध्या वाला मुद्दा उठने दो
उनको रामजी की आड मे राजनिति चमकाना है।

संजय अश्क बालाघाटी
7999840683

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