#Gazal By Sanjay Ashk Balaghati

जिसका कोई बोलने वाला नही
उसकी कोई सुनने वाला नही।

झूठ फरेब के इस दौर मे यारो
ये सच ज्यादा चलने वाला नही।

हर जगह है पैसो मे बिकने वाले
इंसाफ कहीं मिलने वाला नही।

सबको मतलब है अपने मतलब से
बेबसी को कोई गिनने वाला नही।

सरकार मे चाहे जो भी आ जाये
हाल देश का सुधरने वाला नही।

कुछ बेईमानी के भी धंधे कर लो
घर ईमानदारी से चलने वाला नही।

डुंडते रह जावोगे तुम शहर मे
पर प्यार कहीं मिलने वाला नही।

तुझसे बढकर है कई बाजार मे
ये सुन तेरा ग़म खलने वाला नही।

खामोशी मे पाले हूं मै तुफान को
उठ गया तो सम्भलने वाला नही।

संजय अश्क ,
पुलपुट्टा बालाघाट

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