#Gazal by Shanti Swaroop Mishra

भला मुर्दों के शहर मेंज़िन्दगी का असर क्या होगा !

बनावट के इन मेलों मेंसादगी का असर क्या होगा !

 

जिसने  कभी समझीरहमो करम की भाषा यारो,

उन पत्थर दिलों में कभीबंदगी का असर क्या होगा ! 

 

जो जलते ही रहते हैं रात दिननफरतों की आग में,

मैले दिलों में उनकेआशिक़ी का असर क्या होगा !

 

जिन्हें होता है नशा सिर्फअपनों का लहू पी कर ही,  

ऐसी शैतान खोपड़ी मेंमयकशी का असर क्या होगा !

 

टपकते हैं जुबाँ से जिनकीज़हरों से भरे अलफ़ाज़,

उनकी कडुवी जुबान पेचाशनी का असर क्या होगा !

 

शांती स्वरूप मिश्र

 

 

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