#Gazal by Shanti Swaroop Mishra

हमतो बस अपनों कीदगा से डरते हैं ! 

तूफ़ान झेल कर भीहवा से डरते हैं ! 

दुश्मनों से कोई शिकवा गिला नहीं,

मगर हम दोस्तों कीज़फ़ा से डरते हैं !

नफरतों का कोई भी डर नहीं हमको

मगर हम मोहब्बत कीसजा से डरते हैं !

बहुत रंग देखे हैं इस जमाने के हमने,

हम ज़हर से नहीं बसदवा से डरते हैं !

हमें ग़म नहीं इस दुनिया के सितम का

हमतो बस अपनी हीखता से डरते हैं !

 

शांती स्वरुप मिश्र

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