#Gazal by Shanti Swaroop Mishra

उनका तो आज भी, इंतज़ार है हमको !

उनसे आज भी बेपनाह, प्यार है हमको !

इक दिन तो जरूर आएंगे लौट कर वो

यारो इतना तो दिल में, क़रार है हमको !

हमने भी खेला है जुआं ज़िंदगी का यारो,

जीतेंगे ये बाज़ी ज़रूर, ऐतबार है हमको !

रूठे हैं गर तो मनाने की जिद है हमारी

वो देंगे गर सजा भी, स्वीकार है हमको !

वक़्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता “मिश्र”,

वो बदलेगा जरूर, बस इन्तज़ार है हमको !

शांती स्वरूप मिश्र

 

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