#Gazal by Shanti Swaroop Mishra

मेरे दिल से उनकी याद, संभाली नहीं जाती !
करते हैं प्यार वो, ये खामख़याली नहीं जाती !

करते हैं हर वक़्त सिर्फ उनकी ही बातें हम,
कोई सुबह ओ शाम, यारो खाली नहीं जाती !

जब से सुना है दिल ने उनके आने के वावत,
उसके अंदर की ख़ुशी, अब संभाली नहीं जाती !

मालूम हमें है उनके मासूम से दिल की खोट,
पर अपनों की इज़्ज़त, कभी उछाली नहीं जाती !

कभी हारा था दिल उन्होंने भी हमारे वजूद पर,
ग़लतफ़हमी अपने दिल से, निकाली नहीं जाती !

होश में आओ कि मोहब्बत खिलौना नहीं “मिश्र”,
बन जाए अगर बात, तो फिर बिगाड़ी नहीं जाती !

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