#Gazal by Shashi Tiwari

गैरो के कहने पेभुला दी प्यार की बातें
वो हसीन मुलाकाते बेजुबा राते .
लम्हा लम्हा जो जिया मेरी पलको की छाँव मे,
जिसके खातिर बदनाम हुये शहर्,गलीऔर गाँव मे,
अब उन्ही पलको को दे दी क्यु बरसाते,
गैरो के,,,,,,
वो इरादे, वादे कसमे भुल गया,
मुझको साँसो मेबसा के तन्हा छोड़ दिया,
अनजाने शहर मे कैसी तेरी सौगाते,
गैरो के,,,,,
शशि तिवारी

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