#Gazal by Shayar Himanshu Suthar

उसकी आँखों में सजाये रखा वो ख्वाब कौनसा है

जो अँधेरे में भी ना निकला वो महताब कौनसा है

 

राह में से उसकी जुगनू सितारे सब अलग हो गए

ऐ फ़लक बचा अब वो हिसाब कौनसा है

 

उसने ख्वाहिशें जला दी जब बेवफ़ाई की चिंगारी से

नम आँखों पर छिड़का तो वो तेज़ाब कौनसा है

 

थके नही अब भी वो वफ़ा के सवाल पूछते मगर

मेरे पास अब “हिमांशु” जवाब कौनसा है

💐शायर हिमांशु सुथार💐

Leave a Reply

Your email address will not be published.