#Gazal By Shayar Himanshu Suthar

कुछ तो पुरानी वो आदत ज़रूरी है
बचपन की थोड़ी शरारत ज़रूरी है

जो लोग फुटपाथ पर सोते सर्दी में
उनके लिए तो हरारत ज़रूरी है

बेशक अमीर हो दौलत से तुम लेकिन
रिश्तों में भी क्या तिज़ारत ज़रूरी है

माँ बाप है यहाँ भगवान के जैसे
उनकी तो दिल से इबादत ज़रूरी है

खुद चल के आएगी मंज़िल तो फिर ऐसे
सर पर खुदा की इनायत ज़रूरी है
💐शायर हिमांशु💐

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