#Gazal by Sudesh Dixit

खाली पहाड को बर्फानी मत लिख ,

सूखी नदी को भरी पानी मत लिख ।

 

हम जो सह गये चुप चाप सब कुछ ,

उस को हमारी नादानी मत लिख ।

 

हो गया झूठ हमारा सच कहा ,

झूठ को सच की कहानी मत लिख ।

 

गिरी मुदरी मिरी उठा ली जो तूने ,

उसे मेरी दी निशानी मत लिख ।

 

फैसले को कचहरी लगेगी देखना ,

इसे दीक्षित की हुक्मरानी मत लिख ।

सुदेश दीक्षित

मो 9418291465

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