#Gazal by Uday Shankar Chaudhari

संभलने के लिए जीवन में गिरना भी जरुरी है

ठोकरों से न हो आहत चलना भी जरुरी है

 

जलेगी हीं नहीं बाती तो वो क्या रौशनी देगी

अंधेरी रात में दीपक सा जलना भी जरुरी है

 

आँधियों में भी जुगनू को सभी ने उड़ते देखा है

चमकने के लिए हालात से लड़ना भी जरुरी है

 

जहां में सबको जानी है डर डर के क्या जीना

जीने के लिए सच है की मरना भी जरुरी है

 

काँटो में गुलाबों को हमने खिलते देखा है

खुशबू के लिए भौड़ों को उड़ना भी जरुरी है

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उदय शंकर चौधरी नादान

कोलहंटा पटोरी दरभंगा

7738559421

 

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