#Gazal by Vicky Jane

बुलाना नहीं है……

 

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वफादार, भरोसेमंद जी उनका घराना नहीं है!

 

वो खुद हारे है खुद से, उन्हें हराना नहीं है !!

 

 

वो छोड़कर शहर हमारा जा रहे है लेकिन !

 

उनका कही पर भी और ठिकाना नहीं है !!

 

 

जो अक्लमंद, समझदार हो उन्हें क्या बतायें ?

 

ढूंढ लेंगे अपना रास्ता हमे दिखाना नहीं है!!

 

 

तुम हद मे रहोगे तो सब बराबर रहेगा !

 

यारों इतना भी जालिम जमाना नहीं है !!

 

 

वो खुदही अपनी मर्जी से गए है “विक्की” !

 

देखना लौट आएँगे, उन्हें बुलाना नहीं है !!

 

 

विक्की जाने “विवेक”   मौदा (नागपुर)  8625908735

 

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