#Gazal by Vidhya Shankar Vidhyarthi

गजल

दोस्ती हमारी बनायी न होती
हमें याद तुम्हारी आयी न होती

जीवन के सफर में मिले हाथ तेरे
नहीं तो हमारी मितायी न होती

आँखें भी हमारी यही कहती हैं
होते साथ तो मैं अकुलायी न होती

उजाले के दीये ख्याल ये लाते हैं
दोस्ती की बनी परछायी न होती

दुनिया हमें भी तुम्हें जानती है
प्यास दोस्ती की बढा़यी न होती।

विद्या शंकर विद्यार्थी

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