#Gazal by Vikas Raj

जान-ए-जां मैं दूर तुमसे इस क़दर हो जाऊंगा,

तुम तो क्या, सारे जहाँ से बेख़बर हो जाऊँगा ।

 

मुझको नाकारा समझ, दिल तोड़ने वाले सुनो,

तुम भी पछताओगे, मैं मशहूर गर हो जाऊंगा ।

 

एक तेरे जाने से अब जिंदगी भर के लिये

तुम गलत हो जान कि मैं बेअसर हो जाऊँगा ।

 

पूछ जाकर क्यों खड़ा है खुद किसी के दर पे वो !

जिसने ये बोला है कि मैं दर-ब-दर हो जाऊँगा ।

 

फासला रखियेगा मुझसे आप वर्ना आपका,

देखते ही देखते जान-ए-जिगर हो जाऊँगा ।

 

~> Vikash Raj

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