#Gazal by Vyanjana Pandey

आए हुजूर पल में लिए दिल निकल गए

वो क्या दवा करेंगे जो कातिल निकल गए

 

कहकर तमाम उम्र का हासिल हमे ही वो

लेकर तमाम उम्र का हासिल निकल गए

 

आए थे सिखाने हमें उल्फत का कायदा

रुसवाइयां देकर मियां फाजिल निकल गए

 

ताउम्र दिल को बात यही सालती रही

आए भी तो बस जिस्म से ही मिल निकल गए

 

आसान जानकर कभी जिनको नही पढ़ा

वो प्रश्न इंम्तिहान में मुश्किल निकल गए

 

अफसोस उम्रभर का कि कहकर नही गए

वो छोड़ के हाय हमेे गाफिल निकल गए

 

डूबी थी कैसे व्यंजना किस्सा अजीब था

मझधार में पतवार ले साहिल निकल गए

 

व्यंजना पाण्डेय

 

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