#Gazalby Sanjay Ashk Balaghati

सच्चाई आजकल चलती कहां है

मशाले इंकलाब की जलती कहां है

मक्कारो से भरी पडी है ये दुनिया

बताव जरा वफ़ा मिलती कहां है?

बेगुनाही की वे सजा पा रहे है

गरीब किसान की गलती कहां है?

…..

मायुस चेहरो से समझ आता है

अरमानो की चिता जलती कहां है

जो रखते है हौसला हालात बदलने का

ऐसे लोगो की यहां चलती कहां है?

संजय अश्क बालाघाटी

-9753633830

One thought on “#Gazalby Sanjay Ashk Balaghati

  • September 21, 2017 at 10:42 am
    Permalink

    किसानो का हमदर्द कोई तो है

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