#Geet By Acharya Amit

शेर:-

तेरी अँखियों की भाषा
मेरी अँखियों ने पढ़ ली..(रीपीट)
मेरी दुआओं की तजवीज़
खुदाय! तेरे रूप ने गढ़ ली….

गीत:-(मुखड़ा)

यह इश्क़ नुमाया है….(रीपीट)
मेरा खुदाया है
यह इश्क़ नुमाया है…
मेरा खुदाया है
तेरे सज़दे में झुमु
यही समझ मे आया है….
यह इश्क़ नुमाया है…

अंतरा:-

कब दिन यह होता है
कब रात आई है
मेरे प्रीत की दुल्हन बन
हर कली मुस्काई है…(अंतरा रीपीट )
मेरे दिल का आईना
तुम्हारा दिल बना हमदम
इसी दिल की ख़ातिर
हमने खुद को भुलाया है….
यह इश्क़ नुमाया है….
मेरा खुदाया है…..
आचार्य अमित

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