#Geet by Dipti Gour ‘Deep’

प्रकृति का रूप है नारी, शक्ति का अवतार है l

सृजन का सोपान मनोहर, सृष्टि का उपहार है l

  1.    वात्सल्य,उत्कृष्ट प्रेम की ये मूरत अनमोल है l

कर्तव्यों की प्रेरणा , संघर्षों का भूगोल है l

कलमधरों की काव्य प्रेयसी धरती का श्रंगार है

  1. रणचंडी,महाकाली,दुर्गा अनगिन रूप है नारी के l

वीर लक्ष्मीबाई बन के, खेले खेल कटारी के l

अबला मत जानो नारी को, नारी पैनी धार है

  1.    अभियंता, अभिभाषक बन के, अद्भुत कला दिखाती है l

नवयुग की  सुशिक्षित नारी, वायुयान उड़ाती है l

उन्नति पथ पर बढ़ने वाली, साहस का आधार है l

  1. शोषण,दमन,प्रवंचना का पग-पग पे प्रतिकार करो l

बनो प्रबल विद्या बुद्धि में, पुरुषार्थ से प्यार करो l

करो शौर्य का दीप प्रज्ज्वलित नारी से संसार है

 

 

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