#Geet by Mohan Tiwari

गीत-डाॅ.मोहन तिवारी ‘आनंद’

प्यार के मीठे-मीठे बोल

 

घोल सके अमृत सांसों में,

बोल सके तो बोल।

प्यार के मीठे-मीठे बोल।

 

वाणी से हाथी मिल जाता,

वाणी हाथी पाँव।

वाणी राजमहल दिलवाती,

यही छुड़ाती गाँव।।

मीठे बोल सजीवन बूटी,

पियो प्रेम रस घोल। प्यार के मीठे…।

 

वाणी रिश्तों की परिभाषा,

गढ़ती आशा और निराशा।

सांसों में जीन रस घोले,

दे आनंद प्रेम से बोले।

बोल कभी अनरथ नहीं जाते,

शब्द-शब्द अनमोल। प्यार के मीठे…।

 

आओ बैठो तो कुछ बोलें,

सांसों में अमृत रस घोलें।

जीवन का श्रंगार इसी में,

सत्य सनातन सार इसी में।

बोले दम्भ रहित, निन्दा तज,

शब्द-शब्द को तोल।

प्यार के मीठे-मीठे बोल

 

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