#Geet by P K Hathrasi

—- गीत —————–

प्रेम तुम भी बहुत मुझसे करती हो

मेरी ही तरह  तुम भी  तड़पती  हो

जैसे मैं डरता हूँ , तुमसे  कहने  में

यकीन है तुम भी वैसे ही डरती हो

प्रेम तुम भी ………………………

 

सनम दिलों की अदला बदली करें

एक कदम तुम, दो कदम हम चलें

धड़कन रुकती है तो रुक जाने दो

इसमें इतना क्यों तुम झिझकती हो

प्रेम तुम भी ………………………

 

आओ तारों को  हम  बाराती  करें

एक दूजे को जन्मों का साथी करें

रात रानी ,  स्वागत  को  तैयार  है

दुल्हन जैसे ही तुम मेरी बनती  हो

प्रेम तुम भी ………………………

 

अब खुशियों के  हम  गीत  लिखें

प्रेम  को  जिंदगी  की  रीत  लिखें

प्रित ऐसी लिखें , कि इसके बिना

सबको कहानी , अधूरी लगती हो

प्रेम तुम भी ………………………

________

इं.पी.के. हाथरसी  मो.नं. – 7417427535  पता :- हाथरस (उ.प्र.)

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.