#Geet Shashi Tiwari

गीत होठों पे मेरे सजनें दो।

यूँ जहां को कुछ भी कहने दो।।

आज तारीफ़ ना करे कोई मेरी।

 

आज उनके लिए सवरनें दो।

मैन देखा है समंदर में तुफां उठते हुए।

 

आज दिल को यूँ उबलने दो।

 

प्यार से तेरे सवर जाऊँगी।

 

क्यों न दर्पण पे धूल जमने दो।

 

हर बुज़ुर्गो को परेशां दुर्दिन न मिले।

 

बेटियों से घर की चौखट सजनें दो।।

 

कभी अंधेरों से भी हाथ मिला लिया करो।

मैं तो चाँद हूँ सारे जहां में बिखरे दो।।

 

 

 

 

शशि तिवारी, महुवा, दुर्ग छत्तीसगढ़।

7805806358

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