#Haiku by Anand Singhanpuri

हाइकु

 

चन्द शब्द

किस पर उकेरू

हाथ पैरों में।

 

दिल थम सा

गया ले कर याद,

फरियाद में।

 

नाम जपते

हर दरमियान

हर गम में।

 

रूह की बातें

किस तरह बयाँ

कर धरूँ मैं।

 

उसकी हर

शोखपन अदाएं

खिले मन में।

 

सुपुर्द करें

क्या उसको हम

दिलों बाग में।

 

बड़ी उमंग

की लहरें चलें हैं

उच्छलन में।

 

कवि आनन्द सिंघनपुरी

छत्तीसगढ़

युवा साहित्यकार।

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