#Jyoti Mishra

जीवन साथी

 

तुम दीप बनो  ,  मैं बाती

हो प्रशस्त  आलोकित, कण – कण

मिलकर साथ मिटाऐंगे तम

तुम हो प्रकाश

मैं जगमग ज्योति जलाती …

 

फूल मिलें या  हों अंगारे

मिल -जुलकर हम

ख्वाब संवारे

तुम संग चलो, मै

हर पल साथ निभाऊं साथी ….

 

सांसो की ये डोर बंधी संग तेरे

तेरे सुख -दुख हैं अब मेरे

खिली रहे ये बगिया अपनी

फूलों सी मुस्काती

जनम -जनम तक साथ रहो तुम

बनके मेरे जीवन साथी ….!!

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One thought on “#Jyoti Mishra

  • April 4, 2017 at 3:10 am
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    Very true suppper emotions

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