#Kahani by Ajeet Singh Avdan

कहानी – ( समाज )

हरखू लकड़ी काटने का काम करता था, आज वह कुछ देर से जंगल के उस हिस्से में पहुँचता है जहाँ कटाई का काम चल रहा है, उसके साथी एक पेड़ की छाया में बैठे आराम कर रहे हैं, सब लोग उसके देर से आने का कारण पूँछते हैं, तो वह बताता है कि उसकी जोरू पेट से है जो कि आज भोर से ही तकलीफ में है ।

अरे यार हरखू ये तेरी पाँचवीं सन्तान होगी ना, क्या तरक्की है यार बधाई हो एक साथी ने चुटकी लेते हुए कहा ।

क्या खाक बधाई होगी ? चार बच्चे दो जने हम, माँ और बाबूजी को मिलाकर छ: लोग पहले ही हैं, जैसे-तैसे करके खर्चा चलता है अब एक और आने वाला है, बेटे की राह तकते-तकते तीन बेटियाँ पहले ही हो गईं हैं, अब जाने क्या होगा , हरखू ने आह भरते हुए कहा ।

चौथी सन्तान तो बेटा ही है, फिर क्या जरूरत थी और पैदा करने की, ऑपरेशन करवा देना था ।

कह तो ठीक ही रहे हो भाई, मगर बाबू जी नही माने कहते हैं कि एक लड़का और हो जाए ।

भाई बात तो उनकी भी ठीक है बेटियाँ तो अपने घर चली जाएँगी, बड़े होकर बेटे ही तो कमा कर खिलाएँगे ।

क्या कमाएँगे ? पढ़ाना-लिखाना तो दूर, उनके कपड़ो तक की व्यवस्था नहीं हो पाती और फिर ये जंगल भी खत्म होते चले जा रहे हैं, कितने दिन चलेगा ये सब ?

हाँ भाई ! बात है तो चिन्ता की । सरकार की तरफ से भी आए दिन सख्ती होती रहती है, आखिर अपने मालिक भी कब तक अधिकारियों को पैसा देकर इस तरह काम चलाएँगे ?

हाँ भाई ! बात है तो गलत ही, अब देखो इन्ही पेड़ों की छाया में हम बैठे हैं और नीयत है इन्हीं को काटने की, जब कि हमें इनकी रक्षा करनी चाहिए ।

अरे भइया हरखू ! सारा साम छोड़ कर जल्दी चलो, तुम्हारी जोरू बड़ी तकलीफ में है । एक लड़के ने हाँफते हुए कहा, जो कि उन लोगों को आवाज़ लगाते दौड़ता हुआ गाँव की तरफ से आ रहा था ।

चलो भाई चलो , सब लोग हड़बड़ा कर उठ गए, जावो हरखू, घबड़ाना मत, भगवान सब ठीक करेगें ।

२-  हरखू के घर के पास भीड़ लगी थी, बूढ़ी दादी ने उसे देखते ही शहर ले जाने की हिदायत दी । आशा दीदी ने सान्तावना दी कि उन्होने एम्बूलेंस को फोन कर दिया है, आती ही होगी ।

३- अस्पताल में इलाज के दौरान रक्त की आवश्यक्ता पड़ने पर समझाने के उपरान्त एक-दो लोग रक्त देने को राजी हो जाते हैं, ईश्वर की कृपा से सब ठीक हो जाता है और उसकी घरवाली बेटे को जन्म देती है ।

डॉक्टर साहब उन्हे समझाते हैं कि गर्भ-काल के दौरान खानपान में हुई कमी और जल्दी-२ बच्चे पैदा करने के कारण आज जच्चा-बच्चा दोनो के लिए खतरा हो सकता था, अब उसे दोनो की सेहत का ध्यान रखना होगा ।

४-  हरखू का एक मित्र जो कि साउण्ड सिस्टम का काम करता है, अपने प्रचार को ध्यान में रखते हुए बेटा होने की खुशी में घर पर कार्यक्रम करता है, सब बहुत खुश हैं अचानक बच्चे की तबियत खराब हो जाती है, वहाँ रोना-चिल्लाना शुरू हो जाता है ।

५-  अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टर साहब बताते हैं कि डीजे कि तेज आवाज के कारण बच्चे के कमजोर दिल-दिमाग पर असर गया है,अगर जरा सी भी और देर इलाज में हो जाती तो इसे बचाना मुश्किल हो जाता ।

६-  लोगों के उकसाने पर दोनो मित्रों में हुई कहा सुनी मार-पीट तक पहुँच जाती है, मामला थाने में आ जाता है, जहाँ पर मुखिया जी के द्वारा चुनाव में वोट की रंजिश को लेकर डीजे वाले को परेशान किया जाता है जो कि १०,००० / रूपये देकर समझौता करने की स्थिति में नही था ।

७-  डीजे वाले के दरवाजे एक साधू बाबा आते हैं,उसे परेशान देख सारा हाल समझने के बाद हरखू को भी बुलाकर उन्हे समझाते हैं कि तुम्हारी आपसी रंजिश का लोग ईसी तरह फायदा उठाते रहेंगे, जरा सी ना-समझी समस्या बन गई है, अब तुम लोग चाहो तो आपसी सुलह से इसका हल आसानी से कर सकते हो, जिससे तुम्हारा भाई-चारा एक-दूसरे के प्रति और ज्यादा विश्वास के साथ बढ़ जाएगा ।

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