# Kahani by Dipesh Paliwal

सुपर फास्ट शादी

शादी मानव जीवन का एक सबसे खूबसूरत और यादगार पल साथ ही खुश रहने का सबसे बेहतर तरीका।

वो कहते है ना कि शादी नसीब का खेल है पता नही कब , कहाँ ओर कैसे हो जाए कुछ कह नही सकते । यह कहानी भी बिल्कुल ऐसी ही है ।

कहानी मेरे मित्र पंकज भैया ओर विद्या भाभी की है जिनकी शादी फ़ास्ट नही सुपर फास्ट हुई ।

पंकज मेरा अच्छा दोस्त और चेचरा बड़ा भाई भी बात 2011 की है जब पंकज के बड़े भाई दिलीप की शादी थी। हम सब गाँव मे रहते है तो यहां मेहमान 10 पहले आते और दिन बाद जाते है।

हमारे यहां शादी का प्रोसेस रस्मे ,रिवाज बहुत लंबे होते है।

बड़े भाई की शादी होने वाली थी कार्ड छप चुके थे ,और पंकज अपनी भाई की शादी के कार्ड बाटने गया हुआ था।

उस दिन घर में पूजा थी पण्डित जी आए हुए थे , 6 दिन बाद दिलीप (पंकज का बड़ा ) की शादी होनी थी तो बड़े पापा ने सहज ही पण्डित जी को पंकज की कुंडली दिखाई ,पण्डित जी ने पंकज की कुंडली को ध्यान से देखा और कहा अगर शादी दौनो भाई की साथ न होतो पंकज की शादी 10 तक नही हो सकती।

बड़े पापा का भेजा घूम गया और उन्होंने आस पास के गाँव मे पंकज के लिए लड़की देखनी शुरू कर दी ओर वहां पंकज अब तक अपने भाई की शादी के कार्ड बांट रहा था ,

शाम तक पंकज के पिता जी यानी मेरे बड़े पापा ने पंकज भैया शादी तय कर दी वहां भाभी के परिवार को टेंशन यार 6 दिन में शादी कैसे शादी की प्री प्लेनिंग में कम से कम 6 महीने लगते है और यहां उनके पास केवल 6 दिन थे । पंकज के लग्न लिखे जा चुके थे 6 दिन बाद उनकी सहदी थी और हमारे दूल्हे राजा को इस बारे में कुछ भनक नही थी।

दिन भर के सारे काम निपटा कर जब पंकज घर आया तो उसे शादी के बारे के बताया गया बन्दा दुखी था पर शादी के लिए हां कर दी 6 दिन में दौनो भाईयो की शादी एक साथ हो गई थी लेकिन पंकज परेशान था कि यार मेरी शादी कैसे हो गई और हो भी क्यो न बन्दे को पता ही नही चला ओर कब बन्दे कि फ़ाइल निपट गई।

शादी के बाद कई महीनों तक पंकज ओर विद्या दौनो की बात आपस मे नही हुई फिर धीरे धीरे बार हुई ।

लेकिन कहानी आगे नही बढ़ रही थी दौनो में एक दूसरे के लिए प्यार था लेकिन कोई भी जता नही पा रहा था अपने इश्क़ को एक दूसरे से बता नहीं पा रहा था।

एक बार अचानक से पंकज का एक्सीडेंट हो गया और विद्या भाभी में पंकज भाई ली खूब सेवा की ओर इसी दौर में दौनो के मन मे दबी मुहब्बत सामने आई ओर सुपर फास्ट शादी की कहानी सुपर फास्ट तरिके से आगे बढ़ने लगी।

ओर पंकज भैया ओर विद्या भाभी के जीवन मे खुशियां सुपर फास्ट आने लगी और उन्हें सुपर फास्ट दौ प्यारे-प्यारे बेटे हुए है।
देखो अपने पंकज भैया की तो सुपर फास्ट शादी हुई और खुशियों भी सुपर फास्ट आई आई सब कुछ सुपर फास्ट हुआ।

ओर अगर आपकी शादी सुपर फास्ट हो रही है तो होने दो खुशियां भी सपुर फ़ास्ट आएगी।

तो आप भी करलो सुपर फ़ास्ट शादी।
दीपेश पालीवाल
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उदयपुर (राज.)

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