#Kahani by Rishabh Radhe Tomar

अभी कुछ दिनों से रोहन बहुत खुश नजर आ रहा था।बात बात में गुनगुनाने लगता उछल कूद मस्ती करता रहता।बात बात पर फोन देखता रहता ।मेरे बहुत पूछने पर उसने मुझे बताया कि उसे प्यार हो रहा है।मैंने कहा प्यार हो रहा है तो बहुत अच्छी बात है लेकिन उसका नाम क्या है।तभी वो बोलता है निक्की तनेजा।मैंने कहा नाम तो वहुत अच्छा है तू इससे मिला कहाँ?तो उसने कहा मैं अभी उससे मिला नही हूँ,सिर्फ फेसबुक पर बात हुई है।मैंने कहा ठीक है पहले उसके बारे में जानकारी इक्कठी कर ले बाद में ये सब सोचना।तो रोहन बोलता है यार तू कभी नही सुधरने वाला।बात बात में मेरी खिल्ली उड़ता है।वो मुझे धोखा क्यो देगी?तो मैंने भी सीधा उत्तर दिया यार क्या पता वो कौन है ।लड़की भी है या नही।वो बोलता है मुझे इस बारे में ओर बात नही करनी चल बाजार में मस्ती करते है।इस तरह हम दोनों बाजार में निकल जाते है।होटल में जाकर पार्टी करते है ।और देर रात घर पर आते है।तभी रोहन बोलता है यार कोई अच्छी सी शायरी ।मेरे नाम से लिख दे न।तो मैं कहता हूँ यार ये सब …तो रोहन बीच मे ही बोलता है रहन दे तुझसे नही होगा मेरा काम।साला दोस्त भी जाने कब की दुश्मनी निभा रहा है।तो मैं बोलता हूँ लिखता हूँ भाई कुछ मिनिट रुक जा।और में उसे लिखकर दे देता हूँ।वो उसे लेकर उसके मैसेज बॉक्स में भेज देता है।मैं बोलता हूँ सो जा रोहन 2 बज गये तो वो बोलता है तू सो जा में अभी बात करके सो जाता हूँ।हालांकि मुझे भी नींद नही आती 3 बजे से पहले तो मैं जागकर देखता रहता हूँ।मेम साहब ऑनलाइन तो होती है लेकिन रोहन के किये हुये मैसेज को नही देखती बेचारा कभी उसकी प्रोफाइल को देखता है कभी इनबॉक्स को इस तरह मुझे तो नींद आ जाती है लेकिन बाद में रोहन बताता है कि यार उसने वो शायरी 4 बजे पढ़ी औऱ मुझसे कहा बहुत अच्छा लिखते हो।यार तूने मेरा काम बना दिया।मैंने कहा यार तू सिर्फ इतनी बात के लिये रात भर जागता रहा ये सब ठीक नही है।तू उससे एक बार बात करके तो देख।वो बोलता है कोशिश करूँगा औऱ फ्रेस होकर नास्ते की टेबल पर बैठता ही है कि मैसेज की घंटी बोलती है।रोहन नास्ता छोड़कर फोन पकड़ लेता है।और मेम साहब की हाय का जबाब देने लगता है।वो 10 -12 मिनट बात करती है और गूडमोर्निंग बोल काम खत्म करती है।इधर नास्ता ठंडा हो जाता है।वो थोड़ा सा खाता है और हँसता हुआ कॉलेज निकल जाता है।इस तरह पूरी रात जागा रोहन न ठीक से नास्ता ही करता है और न खाना ही खाता है।आजकल उसका नास्ता और खाना निक्की की प्रोफाइल देख देख कर हो रहा होता है।तभी एक दिन मेरे fb पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है मैं देखता हूँ निक्की तनेजा की है।तो मैं एक्सेप्ट कर लेता हूँ तभी दूसरे दिन उसका मैसेज आता है।और क्या कर रहे हो?तो मैं बोलता हूँ कुछ नही। आप बताओ?तो उसका भी उत्तर ऐसा ही आता है ।तभी मैं उससे बोलता हूँ क्या तुम रोहन को जानती हो।तो वो बोलती है कौन रोहन?मैं रिप्लाय में लिखता हूँ रोहन ठाकरे तो वो बोलती है नही में नही जानती ।मुझे गुस्सा तो बहुत आता है लेकिन मैं रोहन के लिये चुप रहता हूँ।ये बात रोहन को भी बताता हूँ तो बो बोलता है कि यार वो मेरे बारे में तुझे कैसे बता सकती है?तो रोहन की बात मुझे कुछ ठीक लगी।फिर मैंने उससे बात करना बंद कर दिया।लेकिन 1 महीने के बाद रोहन बहुत परेशान रहने लगा।एक तरफा प्यार करके वो भूखा प्यासा तो रहता ही था।अब बात नही हो रही थी तो वो बिल्कुल पागल सा हो गया ।घंटों तक उसकी प्रोफाइल पिक्चर देखता रहता।अगर वो कुछ कमेंट भी करती तो उसके मतलब निकलता रहता।उसके स्टेटसो में वो खुद को देखता ।मैं रोहन को देखकर परेशान होने के अलावा और कुछ नही कर सकता था।वो मेरी बात तो मान नही रह था।और अब तो उसकी हालत ऐसी थी कि अगर कोई उसकी पिक पर कमेंट भी करता तो वो उससे लड़ जाता ।रोहन बिल्कुल बदल रहा था ,उसका जुनून और बढ़ रहा था।ये देखकर मैंने रोहन को बचाने के लिए सबसे बड़ी गलती की।वो ये थी कि मैंने उससे कहा कि तुम आज से मेरी लिखी शायरी पोस्ट करने लग।रोहन ने ऐसा ही किया 2 -4 दिन तो उसने ध्यान नही दिया लेकिन फिर वो रोहन से बात करने लगी ।रोहन भी रोजना मेरी लिखी शायरी भेजने लगा।मैं उसे इस लिए देता रहा क्योंकि अब वो पहले से ज्यादा खुश नजर आने लगा।उधर उसकी मोहबत आसमां छूने को आतुर होने लगी।उसने रोहन को बताया कि वो मेरठ से है और रोहन तो ग्वालियर से था ही।ये सब बात होने के बाद उन्होंने अपने नम्बर और कई छोटी बडी बातें शेयर करने लगे।धीरे धीरे दोनों ने प्यार का इजहार भी कर लिया।अब वो दोनों घण्टो एक दूसरे से बात करते रहते ।तभी एक दिन सुबह 4 बजे रोहन का फोन बजा औऱ  निक्की का फोन आया।और रोहन को मेरठ बुलाया।रोहन ने तत्काल मुझे जगाया।मुझे जगाना पड़ा क्योंकि वो अजीज मित्र था।बोलता है तू जल्दी से तैयार हो जा ।मेरठ चलते है ,मैंने बोला क्यूँ तो बोला रास्ते मे बताऊंगा ।तभी मेने कुछ पैसे लिये और गाड़ी निकल मेरठ के लिये चल दिये।तो उसने सारी बात बताई।लम्बा सफर तय करके हम पंडित रामचरण जी के यहाँ पहुँचे।तो पंडित जी ने कहा इतने दिनों बाद तुम्हें यहाँ की याद कैसे आई।तो मैं ने कहा कि मेरठ घूमने चला आया तो उन्होंने कहाँ यहाँ ऐसा क्या है जिसने तुझे आकर्षित किया।तो मैने कहा कि मेरा मित्र देखना चाहता है तभी पंडित जी ने कहा कहाँ लेटना है तो मैने कहा मैं पहले रहा वही कमरा ठीक रहेगा।और हम दोनों ऊपर चले गये।तभी रोहन ने फोन लगाया और उन्होंने फोन नही उठाया।लेकिन हम दोनों कुछ देर आराम करके घूमने निकल गये।तभी शाम को उसका फोन आया और वो उससे मिलने निकल गया।इधर मेरी और पड़ित जो की बातें शुरू हो गई।कुछ घंटे वो उसके साथ रहा और कमरे पर आ गया ।दूसरे दिन दोनों पब वार गये और दोस्ती को जिस्म के रिश्ते में तब्दीली कर दिया।4 दिन बाद जब हम चलने लगे तो देखा वही लड़की किसी दूसरे के साथ बैठकर मस्ती कर रही है तो रोहन ने गाड़ी रूकवा कर उससे पूछा कि ये कौन है तो वो बोली ये मेरा मंगेतर है।तभी उसने कहा की नीती ये कोन है तो वो बोली ये मेरे दूर का रिस्तेदार है।बात खत्म हुई।मैंने रोहन को पकड़ कर गाड़ी में बिठाया बिचारा रोहन रोता सिसकता रहा ।और लौटकर ग्वालियर आ गया ।उसने फोन लगाया तो पहले फोन उठाया ही नही लेकिन कई बार लगाया तो उठा लिया।रोहन ने कहाँ कि तुम ने मेरे साथ इतना गलत क्यों किया? तो बो बोलती है क्या गलत किया।रही बात चार रातो की उन्हें तो मैं कब का भूल गई।और शहरों में ऐसी बातें होती रहती है।मुझे छोड़ो किसी दूसरी को पटाओ।  ये सुन रोहन भोचक्का रह गया और कहने लगा जिदगी में सब कुछ करना मगर फेसबुक वाला प्यार कभी मत करना।औऱ   वो अब बिल्कुल गुम सुम रहने लगा ।न किसी से ज्यादा बोलता और न ही कही आता जाता ।एक दिन अकस्मात रोहन की मौत हो गई ।औऱ फेसबुक की मोहबत खत्म हो गई।

नोट-ये कहानी पूर्णतः काल्पनिक है किसी भी व्यक्ति विशेष या मुझसे सम्बधित नही है।बस मैंने रोहन और खुद को पात्र बनाकर ये दिखाने का प्रयाश किया है।फेसबुक पर अपरचित लोगों से प्यार व्यार न करें।वार्ना जान से भी हाथ धोना पड़ सकता है।ये भी जरूरी नही है हम जिससे बात कर रहे है वो लड़की हो।कोई लड़का भी हो सकता है
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