#Kavita by Acharya Amit

नया गीत

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तेरे इश्क़ की नमाज़

मैं हर रोज़ पढ़ता हुँ..

तेरे इश्क़ की नमाज़

मैं हर रोज़ पढ़ता हुँ..

चाहत को तेरी

मैं सज़दा करता हुँ…

तेरे इश्क़ की नमाज़

मैं हर रोज़ पढ़ता हुँ…

तू रहता है दिल मे

और दिल मेरा मुश्किल में

तू रहता है दिल में

और दिल मेरा मुश्किल में

ऐसे तूफानों से मैं

हर रोज़ गुज़रता हुँ….

तेरे इश्क़ की नमाज़

मैं हर रोज़ पढ़ता हुँ…

तेरे प्यार की तराबी

पढ़ता हुँ दुआओं में

तेरे प्यार की तराबी

पढ़ता हुँ दुआओं में

मैं ऐसी वफ़ाओं की

हर हद से गुजरता हुँ

तेरे इश्क़ की नमाज़

मैं हर रोज़ पढ़ता हुँ….

तू मेरा मैं तेरा

बस इतना कहना है

तू मेरा मैं तेरा

बस इतना कहना है

मैं दिल की हसरत को

अब ज़ाहिर करता हुँ

तेरे इश्क़ की नमाज़

मैं हर रोज़ पढ़ता हुँ…

आचार्य अमित

 

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