#Kavita by Acharya Amit

यह कह पाना
मुमकिन नही
तुमसे इश्क़ है
या प्यार है
कुछ का कहना है
इश्क़ ही है
मगर
कुछ कहना है
प्यार है
प्यार है तो फिर
कोई चिंता की बात नही
हाँ इश्क़ होता तो
बात ज़रूर गम्भीर हो जाती
प्यार का क्या है
प्यार तो सब से
ही हो जाता है
इश्क़ किसी विरले से
ही होता है
मेरे लिए इश्क़ करना
ज़रा आसान है
क्योंकि मुझसे
प्यार नही हो पाता
लेकिन तुम्हारा मैं
ह्रदय से शुक्रगुज़ार हुँ
और सदा रहूंगा
तुमने मुझे प्यार
करना जो सिखा दिया……
आचार्य अमित

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