#Kavita by Acharya Amit

 

तुम कौन हो

मैं कौन हुँ

हम कौन है

सब कौन है

एक अरसे से

जाने यह कौन

मुझे परेशान कर रहा है

आज किसी ने कहा

मैं मौन हुँ

अब यह मौन कौन है

कहाँ है कहाँ से आया

और कहां को जाएगा

नही जानता मैं

बस इतना समझ पाया हुँ

इस मौन को पा लिया गर

तो यह कौन भी मिल जाएगा।

आचार्य अमित

 

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