#Kavita by Ajay Jaihari Kirtiprad

प्यार में सम्भलना……

रुकती साँसों को थाम लेना…..

हाथों में प्यार की कमान लेना..

और मत होने देना……………

अपनी मोहब्बत को रुसवा…..

छोटी मोटी बातों को जीवन में

हँसकर टाल लेना।………….

और बढ़ जाये कभी कोई बात

जाने अनजाने……………….

बड़े प्यार से सम्भाल लेना…..

और जीना हमेशा हँसकर……

जख्मों पर कसकर पट्टी

बांध लेना…………………….

और शिकायत हो गर तुमसे….

उसे कभी…………………….

जरा सोच समझकर काम लेना

और ना करना……………….

झिक-झिक ज्यादा…………..

अपनी गलती मान लेना……..

 

रुकती साँसों को…………….

कवि अजय जयहरि कीर्तिप्रद

 

147 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.