#Kavita by Akash Khangar

क्यो करते हो बाते लालच की
बिना मेहनत और साहस की
क्यो कर्ज की माफी
क्यो माफी अदायगी की
करना है तो वादा विकास का करो
शहर स्वच्छ और ग्रामीण स्वास्थ्य का करो
भोली जनता ये नही जानती
जिंदगी सुरक्षित नहीं होगी
अगर सड़को पर गड्ढे हो
ये प्रलोभन क्या करेंगे
अगर बीमार हर तड़के हो
प्रलोभनों से बचे
ये राजनीति की चाले है
पीढ़ियों का शासन इनकी बड़ी मिसालें है
जुकाम अगर तुरंत ठीक करो
तो
कुछ देर की राहत होती है
लेकिन ये भी ध्यान रहे
बड़ी वाद में आफत होती है…आकाश खंगार

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