#Kavita by Amit kaithwa

चलते रहेंगे हम जब तक है इस देह में दम.
मिले कितनी भी पीड़ाए फिर भी चलते रहेंगे हम.
लाख रोकोंगे हम सबको ये जमाने वाले.
हम तो हैं प्यार में दुनिया को हंसाने वाले.
करो ना कोशिश ऐ पैर अड़ाने वाले.
जब तक रहेगी जां ये हौसला न होगा कम.
चलते रहेंगे हम……
अमन ओ चैन के चिरागो को जलाएंगे हम.
आपस की जलन को भी बुझाएंगे हम .
मोहब्बत के चरागो को हवाए न दो .
बुझ गए जो चिराग ये रौशनी हो जाएगी कम.
चलते रहेंगे हम…..
प्रेम के पौधों को पानी दो नफ़रत मत बोओ.
मोहब्बत एक कोहिनूर है इसे मत खोओ.
इसे खोना नहीं हांथ खाली रह जाएगा.
रह गया खाली हांथ तो आंख हो जाएगी नम
चलते रहेंगे हम……
– अमित कैथवार मितौली –
-9161642312-

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