#Kavita by Amit kaithwar

कितने घर बर्बाद किए कितनो का घर लूटा है.
इस शराब के कारण कितनो का सपना टूटा है.
जाने कितनी दुर्घटनाए शराब के कारण हो रही.
कोई अपना पति खो रहा कोई बेटे खो रही .
कच्ची पक्की खूब बिक रही शहर और गाँवो में .
कई तरह के ब्रान्ड हैं कई तरह के भावों में.
इस पीढी के लड़के पी रहे सिगरेट बीयर शराब हैं.
आजकल के लड़को की आदते बहुत खराब हैं.
उनकी पत्नियोंं के हांथो में कंगन ना पैरों में पायल है
शराबी बेटा पिए पड़ा है माँ का सीना घायल है.
पीने की खातिर उसने कुंडल बिछुए छीन लिए.
घरवालो का दिल तोड़कर टुकडे टुकड़े बीन लिए.
आंखों देखी देखी मैने तो आन्खे भर आई हैं.
इसीलिए शराब के खिलाफ मैंने कलम उठाई है.
-अमित कैथवार मितौली लखीमपुर –
-9161642312-

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