#Kavita by Amit Mishra

Amit Mishra (Dhirendra Panchal)

 

कुछ अच्छा करना चाहता हुँ।

 

कुछ अच्छा करना चाहता हुँ अपने देश के लिए ताकि मेरा देश हमेशा महान रहे।

कुछ अच्छा करना चाहता हुँ अपने जन्मभूमि के लिए ताकि मेरे जन्मभूमि को सम्मान मिले।

कुछ अच्छा करना चाहता हुँ अपने कर्मभूमि के लिए ताकि मेरे कर्मभूमि को कर्मदान मिले।

कुछ अच्छा करना चाहता हुँ अपने खानदान के लिए ताकि मेरे पूर्वजो को गौरवगान मिले।

कुछ अच्छा करना चाहता हुँ अपने आप मे ताकि मुझमे न कभी किसी को अभिमान मिले।

 

:-अमित मिश्रा

 

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