#Kavita by Anand Shinghanpuri

नई आशाएं

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सत्र~2017

जन्म वर्षगांठ

नूतन वर्ष का आभार

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कितना सौभाग्य मेरा

नव वर्षारम्भ की पहली कड़ी से ;

मेरा जन्म और कर्म पथ

के अवसर आरम्भित होती है।

जो मुझे दोनों दिशाओं को

याद पल पल दिलाती रहती है।

अतित और आने वाला कल”

~कवि आनन्द सिंघनपुरी

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