#Kavita by Anand Singhanpuri

माँ से आव्हान !

माँ यदि रुठुं तो मुझे तुम मना लेना

अपनी छाती से लगाकर  प्यार देना

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खिला रोटी के निवाले भूख मिटाना

ममता की हाथों से फेरकर सहलाना

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कुछ मीठी सी बातों से मन बहलाना

लोरी सूनाकर अपनी गोदी में सुलाना

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मुझे निशदिन अपना आशीर्वाद तुम देना

स्नेह भरे आंचल से सदैव तुम नित सेना

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तेरी आशीष आगे बढने का आव्हान करती

जीवन में शक्ति का संचार हमेशा भरती

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आनंद करता है माँ तुझको शत शत नमन !!

तू अपनी छाया दृष्टि बनाकर रखना शमन

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