#Kavita by Anantram Chaubey

मैया के द्वार में
मैया के द्वार में
आया हूँ दरवार में
द्वार में आया रक्षा करना
सारे कष्टो को दूर करना ।
जय जय जय अम्बे मैया
दुर्गा काली जगदम्बे मैया
सिह की सवरी अम्बे माँ की
एक  हाथ में त्रिशूल लिये है
एक हाथ खप्पर रखती
दुष्टो का संघार वो करती ।
शंख गदा भी हाथ में रखती
जगत जननी माँ रक्षा करती है।
महिशा सुर का वध करके
सबको है भय मुक्त कराया ।
देवी मैया सिंह वाहिनी
दुर्गा मैया माँ  है भवानी  ।
राक्षसो का नाश किया है।
सब भक्तो की रक्षा करती
मैया के द्वार में आकर
पूजा भजन कीर्तन करते
श्रद्धा भाव अर्पण करते है ।
मैया को नमन करते है
मैया सबकी रक्षा करना
सबकी मुरादे पूरी करना।
नमन वंदन प़णाम करते है
भक्ति भाव से सेवा करते है ।
जय जय जय हो मैया अम्बे
रक्षा करना माँ जगदम्बे ।

अनन्तराम चौबे
अनन्त

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