#Kavita by Anantram Chaubey

त्योहार की थकान
त्योहार की थकान थी
चेहरे पर फिर भी
खुशी और मुस्कान थी।
थकान थी फिर  ।
भी चेहरे खिले है ।
गिले न सिकवे सब
खुशियों से मिले है ।
दीपावली का त्योहार
पांच दिन मनाया ।
धनतेरस से भाई दूज
तक त्योहार मनाया ।
घर की सफाई कर
रंग रोगन लगाया  ।
धनतेरस में खूब
खरीदारी की थी ।
दीपावली में दिन भर
सजाबट की थी ।
शाम को दीप जलाये
लक्ष्मी गणेश जी की
पूजा आरती की थी ।
फटाके थोड़े फोड़े
मिठाई बांटी खाई थी ।
दिवाली के बाद में
गोवर्धन की पूजा की थी ।
दूसरे दिन भाई दूज थी
बहनो ने भाईयो को
रक्षासूत्र बांधकर
मिठाई खिलाई थी ।
पांच दिन दीपावली की
खूब खुशी मनाई थी ।
त्योहार की थकान थी
चेहरे पर फिर भी
खुशी और मुस्कान थी ।
बस खुशी ही खुशी थी ।
अनन्तराम चौबे
अनन्त

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