#Kavita by Anantram Chaubey

त्योहार

त्योहार मनाना
हमारी सभ्यता है ।
संस्कृति है परमपरा है
हम सबकी एकता  है ।
त्योहार घर परिवार को
एक सूत्र में बाधकर
जोड़कर भी रखते है ।
हमारी एकता दर्शाते है ।
जीवन को एक सूत्र में
बांधकर सबको रखते है।
धनतेरस से दीपावली
की शुरूवात होती है  ।
भाई दूज तक चलती है ।
घर द्वार की साफ सफाई
दीपावली में होती है ।
पूरा देश खुशियाँ मनाता है ।
भाई चारे का रिश्ता जोड़ता है ।
अधियारे में उजियारा फैलता
दीप जलाने से प्रकाश होता ।
रंगों से घर द्वार है सजता
रंग विरंगे फटाके फोड़ते ।
दीपावली धूमधाम से मनाते
आकाश को है जगमग करते ।
त्योहारो की पूरे साल भर
त्योहारों  में खुशियाँ मनाते ।
परमपरायें त्योहारो की
हिल मिलकर खूब मनाते ।
रक्षाबंधन दशहरा दीवाली
मिलकर सभी मनाते होली ।
हर त्योहार में खुशियाँ बांटते
एकता सभी बनाये रखते ।
त्योहारो में खुशियाँ मनाते ।
अनन्तराम चौबे
अनन्त

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