#Kavita by Anantram Chaubey

एक कवि लालची

 

एक कवि लालची है

बहुत कविताये

लिखने का आदि है ।

सम्मान पाने का लोभी है ।

सम्मान बहुत खाता है

क्योकि बहुत पाता है ।

खाना तो मिलता नही

भूख लगी सम्मान

ही खा  जाता है  ।

सम्मान जैसे खाता है

दूसरा सम्मान पा जाता है ।

क्या अजीब बात है  ।

अनपढ अज्ञानी है

सुन लो ये बात है ।

क्या सच है क्या झूठ है ।

एक मच के बड़े बड़े

विद्वान महाज्ञानी ये

इस पर चर्चा कर रहे थे ।

एक कवि की बातो से

चर्चा मे पता लगा उम्र मे

उस मंच मे सबसे छोटे थे ।

वही छुट भैये कवि

ज्यादा लांछन लगा रहे थे ।

सम्मानित कवि को

अपमानित कर रहे थे ।

अरे भाई कोई ज्यादा

कविताये लिख रहा है

ज्यादा सम्मान पा रहा है ।

किसी के पेट मे क्यो

दर्द हो रहा है ।

कुर्सी टेबिल ईट पत्थर

परअपने विचार लिखता है

गद्य पद्य कविता बनती है

विश्व रिकार्ड बनाती है ।

इससे क्यो ईर्षा होती है ।

रही सम्मान की बात

साहित्कार की लेखनी

पर ही सम्मान मिलते है ।

बाजार की किसी भी

दुकान मे नही मिलते है ।

सम्मान कोई खाने की

दाल रोटी तो है नही

सम्मान मिलना योग्यता

स्वमं सिद्ध करता है ।

किसी के चीखने चिल्लाने

से अपनी औकात का

खुलेआम पता लगता है ।

किसी भी बिषय पर

कविता लिखना कवि

की काविलियत सिद्ध

प्रमाणित करता है ।

कवि कविता लिखने

का  लालती है ।

सम्मान पाने का भूखा है

कहने वालो को

स्वमं सिद्ध करता है ।

कवि लालची लोभी है

लिखेगा सम्मान पायेगा

किसी के पेट मे दर्द है

वह क्या कर पायेगा

कवि है लिखता जायेगा ।

 

अनन्तराम चौबे * अनन्त *

जबलपुर म प्र 9770499027

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