#Kavita by Anantram Chaubey

पत्नी
पति की अर्धागनी वो है
जीवन की संगनी वो है  ।
सुख दुख की साथी होती है
दो घरो के रिश्तो को जोड़ती है
शादी के बाद रिश्ता बनता है
पत्नी का जब साथ मिलता है ।
जीवन की अंतिम सांसो तक
ये रिश्ता मिलकर चलता है ।
नियत का बनाया कैसा है
पति पत्नी का ये रिश्ता है ।
बचपन जिस घर में बीता
माता पिता भाई बहन का
साथ अचानक सबका छूटा है ।
पति संग ससुराल में जाती
जीवन साथी अपना पाती ।
बाबूल का घर आंगन छूटा
एक नया रिश्ता जुड़ता है ‘।
नया घर ससुराल है बनता ।
हर नारी का सपना होता
पति उसका परमेश्वर होता ।
पति का घर उसका घर होता
अच्छा बुरा पति हो जैसा
जीवन उसके साथ विताना
तन मन धन सब अर्पण करना
बेटी बहन अभी तक थी जो
पति की पत्नी वो बन जाती है ।
जीवन का सुखमय सपना
पति संग मिल पूरा करती है ।
पत्नी जब बन जाती है ।
रिश्ता दिल से निभाती है
पति के बिन पत्नी है अधूरी
पति से होती सब खुशियाँ पूरी ।
पति पत्नी के रिश्ते जुड़ते है
विश्वास से जीवन भर चलते है ।
अनन्तराम चौबे
* अनन्त *

Leave a Reply

Your email address will not be published.