#Kavita by Anantram Chaubey

हौसला बढ़ता है

साहित्य
लिखना ही
सम्मान या
पुरुस्कार
नही होता है ।
सम्मान
पुरुस्कार
मिलने से
हौसला
बढ़ता है ।
आगे बढ़ने
में हिम्मत
देता है ।
किसी भी
साहित्कार
या उसकी
कविता लेखनी
को कम नही
आंकना चाहिये ।
हिन्दी साहित्य
लिखने का हौसला
मिलना चाहिये ।
सिर्फ कविता
या साहित्य
लिखने से
अपना व परिवार
का पेट नही
भरता है ।
खाली पेट
जीवन भी
नही चलता है ।
सम्मान हो
पुरुस्कार हो
पेपरों में
प्रकाशित
ह़ोने से भी
लिखने का
हौसला बढता है ।
अनन्तराम चौबे
अनन्त

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