#Kavita by Anantram Chaubey

आशा के बादल

 

आशा के बादल

कब बरसते है ।

बादल है  मन

मर्जी के मालिक है ।

आसमान मे रहते है ।

यहाँ वहाँ भटकते है

चलते फिरते दिखते है ।

विन  मौसम के

हवा तूफान

साथ मे लाते

गर्मी मे भी

बरसते है ।

शादियो के मौसम को

चौपट ये कर देते है ।

जब बिन मौसम के

बिना समय बरसते है ।

बादलो से हम डरते है

विजली के साथ

तड़कते है ।

विजली तड़की

बादल बरसे

समय पर अच्छे

लगते है ।

आशा के बादल

सभी को बरसात

मे अच्छे लगते है ।

गर्मी के मौसम मे

मौसम बदलू से

लगते है ।

गर्मी मे जब  बरसें

तो उमर ये पैदा

करते है ।

आशा के बादल

जब बे मौसम

बरसते और गरजते है ।

अनन्तराम चौबे  * अनन्त * जबलपुर म प्र

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