#Kavita by Anantram Chaubey

चाँद  है तारे है

चाँद है तारे है ।
फूल है खुशबू है
रात का समा है
जमी है आसमाँ है ।

मन को लुभाती
ये ठंडी  हवायें है ।
दो धड़कते दिल है
महकती फिजायें हैं ।

दो दिल एक हो
धड़कनो में आस हो
मीठी मीठी ओठों मे
प्यार की प्यास हो  ।

मन की चाहत हो
पूनम का चाँद हो
विखरी चाँदनी हो
चाँद का प्रकाश हो ।

मिलन की रात हो
चाहत की प्यास हो
मिलके वहक जायें
एक दूसरे मे समा जायें

न कोई आसपास हो
ये रात बस थम जाये ।
और यह जिन्दगी
ऐसे ही कट जाये ।

चाँद है तारे है
मिलन की रात हो
फिर क्या हो
न किसी को आभस हो ।

अनन्तराम चौबे
अनन्त

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