#Kavita By Anantram Chaubey

दूर देश में

दूर देश मे
रहते है।
फिर भी दिल
में बसते है ।
याद करू जब
भी दिल से
तभी सामने
होते है।
दिल में नफरत
रखते है ।
फिर भी सपनों
में आके इतना
क्यो सताते हैं।
नफरत में भी
उलफत रहती ।
याद करू जब
भी सामने उनकी
सूरत होती है ।
एक सुन्दर सी
मूरत होती ।
दूर देश में
रहते है ।
फिर भी दिल
में बसते हैं ।
ऐसे आपस
के रिश्ते है ।
बस दिल ही
दिल में रसते हैं ।
अनन्तराम चौबे
अनन्त
जबलपुर म प्र

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