#Kavita by Anantram Chaubey

सिरदर्द

 

सिर दर्द न हो किसी का

मन को खुश है रखना।

हंसी खुशी से मन बहलेगा

मन खुशी से खिलेगा ।

सिरदर्द भी दूर रहेगा  ।

शांत सहज जब

मन होता है

हर मुश्किल का

हल होता है ।

तन मन की पीड़ा ही

सिर का दर्द  बनाती है ।

मन मे जब तनाव रहे  ।

कोई चिन्ता का भाव रहे

सिर मे दर्द हो जाता है ।

जीवन का हर पल

कभी खुशी कभी गम

से मन भटकता है

मन मे तनाव बढा देता है

सिर दर्द का कारण होता है ।

तन स्वथ्य मन स्थिर हो

चिन्ता हो न परवा हो

सिरदर्द दूर ही रहता है ।

मुश्किल कोई घड़ी जब आये

मन विचलित न होने पाये

साहस और हिम्मत रखोगे

तभी तो मंजिल पाओगे

अपना सिरदर्द भगाओगे ।

चिन्ता मुक्त रह पाओगे ।

अनन्तराम चौबे

* अनन्त *

जबलपुर म प्र

 

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