#Kavita by Anantram Chaubey

पवन

 

सूर्य की

तपन

ऊगल

रही

अगन ।

पवन के

थपोड़े ।

लगते है

हथौड़े ।

गर्मी के

मौसम मे

रौद्र रूप

होता है ।

दोपहर मे

पवन देव

का रूप

ऐसा

होता है ।

हवा चले

ठंडी भी

गरम गरम

लगती है ।

सू्र्य व पवन

देव की

हालत ऐसी

होती है ।

मंद मंद

पवन चले ।

लपट जैसी

लगती है ।

नौ तपा

की गर्मी

बहुत

गरम होती है ।

अनन्तराम चौबे

* अनन्त * – जबलपुर म प्र

 

 

 

 

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