#Kavita by Anantram Chaubey

माँ की ममता को

 

माँ की ममता को

गालियाँ मत दीजिये ।

माँ ने ही पैदा किया है

कलंकित मत कीजिये ।

कोख मे जो माँ की होता

बस माँ की वो संतान है

बेटा है कि बेटी है

दोनो ही माँ की

ही संतान है ।

बेटा है कि बेटी है

भेद भाव नही करती है ।

माँ बनना स्त्री का

सबसे से बड़ा सौभाग्य है

संतान बिन स्त्री को

लगता अपना दुर्भाग्य है ।

शादी के बाद मे भी जिस

महिला को संतान न हो

तरसती है तड़फती है

घर मे जब अकेली रहती

बच्चे के बिन रोती है

आहे भर सिसकती है ।

कोख मे जन्म लेती

बेटी को नष्ट करने की

कभी भी सोच नही सकती है ।

माँ की ममता को कभी भी

कलंकित नही कर सकती है

जान से भी ज्यादा अपनी

सुरक्षा उसकी करती है ।

पल पल उसको पाने को

बस रोज तड़फती रहती है ।

ऐसे मे कलंकित करे जो

पुरूष हो या महिला हो

स्वमं को कलंकित करती है ।

सच भी है सच्चाई भी है ।

माँ की ममता की कभी

भी न आंकना गहराई है ।

माँ तो बस माँ होती है

सच है और सच्चाई है ।

अनन्तराम चौबे

* अनन्त *

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