#Kavita by Anantram Chaubey

दर्ट से वास्ता

 

दर्द से वास्ता

अजीब अनोखा

दर्द का रिश्ता ।

हर किसी का

शरीर  कैसा भी

क्यों न हो ।

कांटे की थोड़ी सी

चुभन से दर्द होता है ।

और कभी कभी बड़े

से बड़ा घाव भी

इन्सान सह जाता है  ।

जिसको जब जिस

दर्द से वास्ता पड़ता है ।

वही उसको समझता है ।

कड़ुवी जुवान भी

बड़ा दर्द देती है ।

शर्म से पानी पानी

कर देती है ।

कोयल और कौवा

दोनों ही अपनी

अपनी जुवान से

अपनी भाषा बोलते है ।

कोयल की आवाज में

मधुर पन होता है  ।

कौवे की आवाज

को सब कोसते है ।

अपनो से कोई

दूर चला जाय

मन में दर्द होता है ।

विछड़ने का दर्द

भरा वास्ता होता है ।

दर्द के रूप अनेक

सबका अलग अलग

अपना वास्ता होता है ।

अनन्तराम चौबे *  अनन्त * जबलपुर म प्र

 

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