#Kavita BY Anantram Chaubey

ये दुष्कर्मी

 

ये दुष्कर्मी

दुराचारी

दरिन्दे सभी

की भीड़ मे

ही होते है ।

क्यो वासना के

ऐसे वशीभूत

हो जाते है ।

बहिन बेटी को

भूलकर  ऐसी

दरिन्गी करते है ।

नर भक्षी दरिन्दे

बन जाते है ।

मासूम बहिन बेटी

अपनी आबरू बचाने

रोती है गिड़गिडाती है

चीखती है चिल्लाती है ।

इनके किये कुकृत्य के

दर्द से कराहती है ।

छटपटाती है।

मगर दरिन्दो की

हैवानियत से हारकर

वेहोश हो जाती है ।

घटना की जानकारी से

माता पिता रोते शर्मसार

होते गिड़गिड़ाते है ।

न्याय के लिये प्रशासन

शासन से गुहार लगाते है ।

आम जनता भी हो

हल्ला शोर मचाती है ।

मगर देश के अन्धे बहरे

लगड़े कानून के सामने

सब लाचार हो जाते है ।

बस तारीख पर तारीख

के चक्कर मे फसकर

छटपटाते रह जाते है ।

अनन्तराम चौबे

* अनन्त *

जबलपुर म प्र

One thought on “#Kavita BY Anantram Chaubey

  • July 5, 2018 at 1:38 pm
    Permalink

    एकदम लाजवाब कृति

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